मकान मालकिन की छत पर चुदाई

Adult Banner
18+ WhatsApp Channel
Exclusive adult content – join now
Join on WhatsApp

Hot Aunty Chudai Kahani मैंने आंटी का अकेलापन देखा और मै भी आंटी की जवानी का दीवाना था आंटी एक दिन छत के उपर कपड़े सुखाने के लिए आई और मैंने आंटी को अकेला देखकर अपने प्यार का इजहार कर दिया आंटी कहती सोच कर बता दूंगी और उसी रात को आंटी का कॉल आया की ….

मेरा नाम रोहित है और मै 25 साल का हूँ मै वैसे तो गाँव में रहता हूँ
पर पढाई करने के लिए शहर में एक अंकल के घर पर किराये पर रहा था हूँ
मुझे चोदने का बहुत शोंक है और मेरी गन्दी नजर लडकी की चूत पर ही जाती है
आज की यह कहानी मेरी मकान की मालकिन की है
जिनके अकलेपन को मैंने अपने लंड के मजे दिलाकर दूर किया.

आंटी की चुदाई की कहानी आंटी का नाम काजल था आंटी की उम्र लगभग 30से ज्यादा होगी पर आंटी बहुत जवान दिखती थी
मै तो जब आंटी के बड़े बड़े आम को देखते ही पानी निकल जाता था
मन करता था की आंटी को यही पकड़ कर चोद दूँ.

आंटी देखने में थी ही इतनी सुंदर और अंकल सड़े हुए केले की तरह
आंटी की साथ मेरी अच्छी बनती थी
मै धीरे धीरे आंटी को प्यार करने लगा था.

मैंने आंटी की पेंटी और ब्रा को सुंग सुंग कर कई मुठ मारी है
एक दिन आंटी आंटी ने कहा राहुल दो मिनट इधर आना
मेरी थोड़ी सी मदद करना मुझे थोडा सा उपर उठाना.

मैंने जैसे ही आंटी की कमर को हाथ लगाया, मेरा तो वही पानी निकल गया
आंटी को भी बहुत मजा आया
मै आंटी की गांड को सुंग रहा था और आंटी को भी मेरे इरादे साफ साफ दिखाई दे रहे थे
मेरे से अब कंट्रोल नही हो रहा था.

मैंने आंटी को निचे उतारा और छत वाले कमरे में जाकर मुठ मारने लगा.

कुछ देर बाद आंटी छत पर कपड़े सूखाने कर लिए आई
मै भी कमरे से बाहर आ गया जैसे ही आंटी नीचे हो रही थी
मुझे आंटी के गोरे गोरे मुम्मे लटकते दिखाई दे रहे थे और मेरा लंड भी खड़ा हो गया.

मै आंटी से बाते करने लगा मैंने कहा कैसी चल रही है जिन्दंगी
आंटी बड़ी ही उदास होकर बोली क्या बताऊ
बस अब तो जिन्दंगी मै कोई रंग ही नही है बस काली सी हो गयी है

जिन्दगी और अब तेरे अंकल की भी उम्र हो गयी
मै समझ गया की आंटी मुझे क्या कहना चाहती है
आंटी की चूत मै कबं से गुदगुदी हो रही थी.

हिंदी सेक्स स्टोरी मैंने कहा आंटी मै भर देता हूँ
आपकी जिन्दंगी में रंग आंटी जान बुझकर मासूम बन रही थी मै कुछ समझी नही रोहित
मैंने कहा आंटी मै आपसे बहुत प्यार करता हूँ प्लीज् मुझे ना मत कहना मै आपकी जिन्दंगी को हसीन बना दूंगा.

मैंने आंटी हाथ को पकड़ा और हाथ को सहलाने लगा आंटी ने अपने हाथ को छुड़ाया और कहा चल मै तुजे सोचकर बता दूंगी और यह कहकर आंटी नीचे जाते समय एक प्यार भरी स्माइल देकर गयी मै समझ गया हसी तो फसी

उसी दिन बगवान भी हमे मिलाना चाहता था और अंकल को कोई काम था अंकल रात को घर पर नही आने वाले थे.

अब रात हो गयी मै अपने कमरे में सो गया पर मुझे नींद नही आ रही थी और मैं बार बार आंटी के बारे में ही सोच रहा था.

आंटी का कुछ देर बाद लगभग रात 12 बजे आंटी की कॉल आई की रोहित अकेले को नींद नही आ रही क्या तू मेरे कमरे में आ जाएगा.

मै आंटी की बात सुनकर बहुत खुश हुआ और भाग कर आंटी के कमरे की तरफ चला गया.

जैसे ही मैंने कमरे के दरवाजे को खोला आंटी बेड पर लेती हुई थी और आंटी ने ब्लैक रंग की नाईटी पहनी हुई थी
मेरा तो लंड खड़ा हो गया और लोअर से बाहर आने लगा
आंटी की नजर मेरे खड़े हुए लंड पर थी.

आंटी ने मुझे बेड पर बैठने को कहा और मेरे से आंटी बाते करने लगी कुछ टाइम बाते करने के बाद अब मेरे से रहा नही जा रहा था क्युकी आंटी की नाईटी से उनके बड़े बड़े लटकते हुए साफ साफ दिखाई दे रहे थे.

मैंने आंटी से पूछा आपने बताया नही आंटी हसने लगी और अपने हाथ को मेरे हाथ पर रखकर सहलाने लगी और मुझे अपनी तरफ बुलाने का ग्रीन सिंग्नल देने लगी
मै समझ गया और मै भी अपना आपा खो रहा था.

मैंने आंटी को धक्का दिया और बेड पर लिटा दिया आंटी झटपटाने लगी
मैंने आंटी को कसकर कर पकड़ रखा था.

आंटी कहने लगी छोड़ रोहित
मैंने कहा :- आंटी आज कुछ मत बोलो प्लीज् बस आज आज मुझे मजे लेने दो आपके और आपको भी बहुत मजे दूंगा.

फिर मैंने आंटी के मुंह पर हाथ रखा और आंटी की गर्दन को चूमने लगा |

आंटी भी गर्म होने लगी और आंटी सिरहा उठी और आंटी ने मेरे हाथ को अपने मुंह से हटाया और मेरे होठो को चूसने लगी और आंटी तो भयंकर तरीके से मुझे चूस रही थी.

मै भी आंटी को जोर जोर से होठो को चूसने लगा और साथ में चूसते चूसते आंटी की नाईटी के उपर से मुम्मे दबाने लगा आंटी ने भी अपने हाथ को मेरे लोअर के अंदर डाल दिया और मेरे कोमल अंडे को सहलाने लगी.

आंटी ने मेरे होठो को चुसना छोड़ा और मेरी लोअर को उतार दिया और मैंने भी आंटी नाईटी को उतार दिया और आंटी को पूरा नंगा कर दिया.

आंटी के नंगे बदन को देखकर में तो पगला सा गया और आंटी की नंगे जिसम को चाटने लगा.

फिर आंटी ने मेरे लंड को हाथ में लिया और अपनी जीभ से मेरे लंड के टोपे को चाटने लगी
धीरे धीरे पूरा लंड अपने मुंह में ले लिया और घोड़ी बनकर जोर जोर से चूसने लगी
मै भी आंटी की गांड पर चांटे लगाने लगा.

फिर आंटी के बालो को पकड़ा और अपने लंड को चुसाने लगा फिर मेरा मजा निकलने वाला था
मैंने अपने लंड को आंटी के मुंह से बाह्रर निकाला.

आंटी ने कहा अपनी चूत चाटने को
मैंने मना कर दिया और आंटी की चूत पर हाथ को फेरने लगा
आंटी को बहुत मजा आ रहा था आंटी ने कसकर बेड की चादर को पकड़ लिया
फिर आंटी की भी चूत गीली होंने वाली थी आंटी तो मेरे हाथ से मसलने से ही झड़ने वाली थी.

मैंने अपने लंड को हाथ में पकड़ा
आंटी की चूत पर रगड़ने लगा
आंटी ने अपने मुंह से थूक निकाली और मेरे लंड पर लगा दी
मैंने भी धीरे धीरे आंटी की चूतके अंदर लंड को डालने लगा.

आंटी की चूत बहुत टाईट थी मैंने जोर से झटका मारा और मेरा आधा लंड आंटी की चूत को फाड़ते हुए अंदर गुस गया वही आंटी की भी अहह अहह अहः ईई जैसी आवजे निकल गयी
मुझे आवजे सुनकर बहुत मजा आ रहा था.

मैंने फिर से जोर धक्का लगाया आंटी की चूत के अंदर मेरा पूरा लंड आंटी की चूत में गुस गया
वही आंटी को भी दर्द का मजा आने लगा.

आंटी ने मेरी गांड को पकड़ा कसकर और अपनी चूत में जोर जोर झटके मरवाने लगी और कहने लगी और जोर जोर से रोहित चोद मुझे और चोद चोद के फाड़ दे चूत मेरी को मै भी जोर जोर से आंटी को पेलने लगा

मैंने अपने हाथ को बेड पर रखा और जोर जोर धक्के लगाने लगा और पट पट की जोर से आवजे आने लगी और थोड़ी देर बाद मेरा मजा निकलने वाला था मैंने कहा आंटी मेरा मजा निकलने वाला है आंटी ने कहा मेरी चूत के अंदर ही छोड़ दे और मेरा पूरा मजा आंटी की चूत में ही छोड़ दिया

मै बहुत थक गया और जोर जोर से हाफ़ने लगा और बेड पर लेट गया एंटी मेरे जिसम को चाटने लगी

ऐसे करते करते मैंने कभी आंटी को घोड़ी बनाकर कभी अपने ऊपर बिठाकर आंटी को पूरी रात चोदा और आंटी को भी पूरी रात फुल मजे आये

आपको कैसी लगी मेरी और आंटी की सेक्स स्टोरी मुझे आशा है की यह स्टोरी पढ़ कर आपका पानी निकल गया होगा.

Leave a Comment