मैं और मेरा छोटा भाई एक साथ एक ही रूम मे सोते थे और एक दिन मैंने देखा की मेरा भाई मेरी पेन्टी पर मूठ मारने लग गया और उसे देख कर मेरी चुत मे खुजली होने लग गई और फिर एक दिन मैंने उसके लंड को पकड़ लिया और उससे अपनी चुत की खुजली मिटवा ली।
आज की भाई बहन की चुदाई की कहानी मे मेरा नाम राधिका है
और मेरी उम्र अभी के टाइम मे 24 साल की है और
जब मेरी चुदाई की हुई तो मेरी उम्र 22 साल की थी यानि ये कहानी आज से 2 साल पहले की है।
मेरे घर मे कुल चार लोग है और जिनमे मैं और मेरा भाई और मेरे मम्मी पापा।
मेरे घर मे टोटल चार कमरे है और जिसमे से एक किचन है
एक मे हमारे घर का समान पड़ा है और बाकी बचे हुए रूम मे एक रूम मे मैं और मेरा भाई।
एक दिन की बात है मैं और मेरा भाई सो रहे थे
रात को मेरा भाई उठा और बाथरूम मे गया शायद फ्रेश होने के लिए गया होगा
काफि टाइम के बाद बाहर आया
मैंने उसे कहा की इतना टाइम कैसे लग गया
तुझे बाथरूम मे क्या कर रहा इतना देर।
भाई- कुछ नहीं दीदी बस यार पेट खराब हुआ पड़ा है।
मैंने कहा चल कोई न सो जाओ और सुबह दवाई ले लेना नहीं तो दिक्कत हो सकती है
अब मैं सुबह उठी और बाथरूम मे गई
तो मैंने देखा की मेरे कपड़ों के साथ कुछ छेड़ छाड़ हुआ है।
मैंने सही से देखा की मेरी पेन्टी के साथ कुछ छेड़ छाड़ हुआ है
उसमे पेन्टी पर मेरे भाई ने मूठ मार रखा था
उसने अपने मजे को मेरी पेन्टी मे ही छोड़ रखा था।
जब मैंने उसके मजे को देखा तो मेरा उसे देख कर मूड बन गया
मुझे ऐसा लगने लगा की मैं किसी न किसी लंड अपनी चुत मे लूँ।
उस टाइम तो मैंने कैसे न कैसे कंट्रोल कर लिया पर रात को सोते टाइम मेरा फिर से मन करने लग गया।
मैंने देखा की भाई सो रहा है और उसने निकर पहन राखी है
मैंने धीरे से उसकी लंड पर अपना हाथ रख लिया और एक हाथ अपनी चुत पर रख लिया
मसलने लगी मैंने वैसे तो बहुत बार अपनी चुत को रगड़कर अपना पानी निकाल है
पर अबकी बार मैंने अपने हाथ मे भाई का लंड पकड़ रखा तो मुझे अजीब सा मजा आ रहा था।
कुछ ही देर मे मेरा पानी निकल गया और नींद आ गई।
अब मेरा भाई के लंड को लेने का हो गया
मैंने सोच लिया की मैं कैसे ना कैसे भाई के लंड को अपनी चुत मे लेकर ही रहूँगी
फिर क्या उस रात तो जैसे तैसे सो गई
सोचने लागि की कल भाई के लंड को चूस कर देखूँगी की कैसे मजा आता है।
दूसरी बातों को छोड़ कर सीधा दूसरे दिन की रात पर आते है
भाई सोया हुआ था और फिर मैंने भाई की लोअर को नीचे किया
फिर क्या भाई का लाँड़ बैठ हुआ था और फिर मैंने देखा की भाई सो रहा था
फिर मैंने जैसे ही भाई के लंड को पकड़ तो लड़की के हाथ का टच पाते ही भाई का लंड खड़ा होने लगा
वो धीरे धीरे अपने आकार मे आ गया और
फिर क्या मैंने भी देर न करते हुए भाई के अपने मुहँ मे ले लिया।
मैंने भाई के लंड को जैसे ही अपने मुहँ मे लिया
मुझे एक बार तो अजीब सा लगा लेकिन कुछ देर बाद
भाई के लंड से पानी निकलने लग गया और मुझे पानी का स्वाद मस्त लगने लग गया।
मैंने भाई की तरफ ध्यान ही नहीं दिया की कब भाई उठ गया
वो मेरी तरफ देख रहा था और अपना लंड चुसवाने का मजा ले रहा था।
भाई ने बोल की दीदी मुझे बोल देती चूसना था तो छुप कर क्यों चूस रही हो
मैं एक दम से डर गई और भाई के लंड को चोद कर साइड हो गई और
भाई मुझे बोल की कोई बात नहीं दीदी चूस लो अब बीच मे मत छोड़ो यार मजा आ रहा था
सच मे यार फिर से लेलो अपने मुहँ में और मेरा मजा निकाल दो।
अब मैंने अपनी शर्म को साइड मे रख दिया और भाई के लंड को अपने मुहँ मे ले लिया
फिर से और बड़े मजे से मैं चुसने लग गई
भाई भी बड़े मजे से मेरे बाल पकड़ कर मेरे मुह मे अपने लंड को ठूस रहा था।
पाँच मिनट मे ही भाई का निकालने वाला था तो भाई बोल की दीदी मेरा निकालने वाला है कहा पर निकालना है।
मैंने मजे मजे मे भाई को बोल दिया की भाई आज मैंने तेरा मजा पीना चाहती हूँ
और फिर क्या भाई मे मेरे बाल पकड़ कर मेरे मुहँ मे अपने लंड कोसारा का सारा ठूस दिया
मुझे चूसने से रोक लिया और अपने पानी को मेरे मुहँ मई भर दिया
फिर क्या मेरे मुहँ भाई के पानी से भर गया भाई ने मुझे ऐसे ही अपकड़े रखा
मुझे मजबूरी मे भाई का पानी पीना पड़ा।
अब हम दोनों खुल चुके थे तो भाई ने अब मेरे बूब्स को चूसन शुरू कर दिया
मैंने भी अपने सारे कपडे निकाल दिए और भाई ने भी अपने सारे कपडे निकाल दिए
अब हम दोनों भाई बहन नहीं पट्टी पत्नी की तरह एक दूसरे के साथ एक दम नंगे सोये हुए थे।
मैंने भाई भाई को अपने बूब्स चुसवा रही थी और फिर क्या कुछ देर चूसने के बाद भाई उठा
मेरी चुत को चाटने लग गया सच मे दोस्तों भाई बहन की चुदाई की कहनी मे मुझे सच मे बहुत मजा आ रहा था
फिर क्या कुछ देर ही मेरा पानी निकाल गया और फिर मुझे भी एक दम से शांति सी मिल गई
भाई बोल की दीदी अब एक बार चुदाई कर लेते है
फिर सोते है क्यूंकी मम्मी के उठने का टाइम हो गया था।
फिर भाई मेरे ऊपर आ गया और मेरी चुत पर अपने लंड को सेट किया
एक ही झटके मे अपने लंड को मेरी चुत मे उतार दिया दोस्तों मैं बता दूँ की
मैंने कभी भी किसी का लंड अपनी चुत मे नहीं लिया थ
पर खीरे ले लेकर अपनी सील खोल राखी तो पर आज रियल का लंड जब चुत मे गया तो मेरा बुरा हाल गया।
भाई ने मेरे दर्द को नहीं सुना और मेरी चुत मे अपने लंड जोर जोर से उतार रहा था
फिर क्या कुछ देर तो मुझे दर्द हुआ फिर कुछ ही देर मे मेरे को भी मजा आने लग गया
फिर करीब 10 मिनट की चुदाई के बाद भाई ने अपने लंड का पानी मेरी चुत मे छोड़ कर मेरे
ऊपर ही सो गया और मैंने भाई को साइड किया अपने कपडे पहन कर सो गई।
पहले दिन तो हमाई चुदाई नॉर्मल ही हुई असली चुदाई तो हमारी तीसरे दिन हुई।
रात हुई और मैंने भाई के रूम मे गई तो
मैंने देखा की भाई केवल निकर मे सो रहा था
मैंने भाई से कहा की लगता है आज टाइम से चुदाई का काम शुरू करना है
भाई बोल दीदी यार एक दम जल्दी जल्दी करना पड़ा आज मजे लेकर चुदाई करेंगे।
मैंने भी अंदर आते ही अपने गेट को बंद कर दिया और आते ही अपने सारे कपडे खोल दिए
भाई के पास जाकर लेट गई और भाई की ही राजाई मे जाकर सो गई
फिर क्या हम दोनों एक दूसरे को किस करने लग गए
कुछ देर किस करने के बाद मैं अपनी हाथ को भाई के लंडपर रख दिया
फिर क्या भाई का लंड एक दम गरम गरम था
उतनी देर मे भाई बोल की दीदी अपने 69 की पज़िशन मे आते है
फिर क्या हम दोनों 69 की पज़िशन मे आ गए।
पहले दिन तो मुझे भाई को लंड को छूने मे शर्म आ रही थी
पर आज बात कुछ और थी अब मैं भाई के लंड को पकड़ कर खेल रही
आज तो मैंने बिना देर कीये भाई के लंड को पकड़ कर अपने मुहँ मे ले लिया
उधर भाई ने भी मेरी चुत पर अपना मुह रख दिया था
फिर क्या हम करीब 20 मिनट तक एक दूसरे के अंगों को चूसते रहे
फिर क्या बहुत मजा आने लग गया और फिर इतनी देर मे भाई बोल की बहन जान
मेरा निकालने वाला था तो मैंने उसे कहा की कोई बात नहीं भाई जान मैं अपने मुहँ मे ही लूँगी
आज आपके रस को
कुछ ही देर मे भाई ने मेरे मुहँ मे पिचकारी माँर दी
मैंने भाई भाई के लंड को चाट कर साफ दिया
उधर भाई ने भी मेरी चुत को चाट कर इतना गरम कर दिया की मेरी चुत ने भी पिचकारी मार दिया
यानि मेरी चुत ने भी अपना पानी निकाल दिया।
अब हम दोनों नंगे ही एक दसूरे चिपक कर सो गए
फिर मैंने भाई के लंड को सहलाना शुरू कर दिया क्यूंकी मेरी चुत की आग अभी तक ठंडी नहीं हुए थी
तो कुछ ही देर मे भाई का लंड फिर से खड़ा हो और फिर क्या मैं उठी और भाई के ऊपर चड़ गई
अपने हाथ से ही भाई के लंड को पकड़ कर अपनी चुत मे डाल लिया।
अब भाई ने भी मस्त चुदाई करना शुरू कर दिया और करीब 30 मिनट तक चुदाई के बाद
मेरे पैरों मे दर्द होने लग गया और फिर क्या भाई से मैंने कहा की भाई अब आपकी बारी है
अब चलाओ काम को मैं बहुत थक गई और मेरे पैरों मे दर्द होने लग गया है
फिर क्या भाई खड़ा हुआ और मुझे डोंगी स्टाइल मे किया
मेरी चुत मे अपने लंड को पेल दिया।
अब काफी देर चुदाई के बाद भाई ने मेरी चुत मे अपना माल निकाल दिया
फिर मेरी चुत मेसे अपने लंड को निकाल कर मेरे मुहँ मे पेल दिया
फिर क्या हम दोनों से चिपक कर सो गए।
तो ये थी मेरी और भाई की चुदाई की कहानी…..
अब आपको मेरी सच्ची कहानी अच्छी लगी हो तो एक अच्छा सा कमेन्ट जरूर करें।