मुझे दीदी उत्तेजित करती थी एक गर्म रात को घर खाली था मैंने दीदी को अपने लंड का गुलाम बनाया उस चुदाई से हमारा रिश्ता बदल गया हम दोनों एक दुसरे की आग में जलने लगे उस दिन की हर बात मेरे दिमाग में है और जब मै उस पल को याद करता हूँ तो मेरा लंड कडक हो जाता है दीदी की वो आह्ह उईइ और उनकी गर्म चूत और उनका मेरे लंड का गुलाम बनना मुझे इसका नशा हो गया
मेरा नाम रोहित है और मेरी उम्र 22 साल है और मेरे लंड की हाईट 8 इंच है और मै चूत के लिए मरे जा रहा था और मेरी एक बड़ी बहन भी है जिसका नाम कोमल है
कोमल दिखने में बवाल लगती है और कोमल का भरा बदन और उसकी मोटी मटकती गांड और उसके बड़े बड़े मुम्मे मुझे उसकी तरफ उत्तेजित करते है और मन करता है की दीदी को पकड़ का चोद दूँ
मै जब भी दीदी की मोटी गांड को देखता तो मेरे लंड में आग लगती पर डर भी लगता था और मै बाथरूम में दीदी की ब्रा और पेंटी को सुंग का मुठ मारता और पानी आग को शांत करता
दीदी भी जब भी मुझे देखती तो उनकी आँखों में अलग सी चमक रहती और दीदी का भी मन था मेरे लंड से चुदने का बस हम दोनों एक दुसरे से कह नही सकते थे
फिर एक दिन मै सेक्सी विडिओ देख रहा था और मेरा लंड भी तन गया था और मैंने लंड को हाथ में पकड़ा दीदी का नाम लेकर मुठ मारने लगा वही दीदी एकदम कमरे में आ गयी और मैंने जल्दी से लंड को पेंट के अंदर डाला और दीदी भी कमरे से बाहर आ गयी
फिर मै माफ़ी मागने के लिए दीदी के कमरे में गया तो मैंने देखा की दीदी मेरे लंड की दीवानी हो गयी और मेरे लंड को यद् करके अपनी गोरी गोरी चूत ऊँगल दाल रही थी मै चुपचाप कमरे से बाहर आ गया
ऐसे करते करते कई दिन बीत गये फिर एक दिन मम्मी पापा दोनों ही कही गये हुए थे और घर खाली था और रात को में अपने कमरे में लेता था और जब कमरे में शॉट पहने दीदी आई तो मेरी नजर दीदी की जांघो पर थी
दीदी कहती आज मम्मी नही है मै तेरे पास ही सो जाती हूँ और मेरी नजर दीदी के बड़े बड़े बूब्स पर ही था और मेरा भी लंड तन गया और लोअर से बाहर आने लगा
वही दीदी शातान क्या देख रहा है मेरे मुंह से निकल गया और मैंने कहा दीदी आप बहुत हॉट हो दीदी मेरी बात सुनकर हसने लगी और कहा क्यों तेरे मन तो नही डोल रहा और दीदी धीरे धीरे मेरे करीब आने लगी
दीदी ने मेरी टांगो पर हाथ रखा और दबाया जैसे ही दीदी ने गर्म स्पर्स किया तो मै तो पगला गया और धीरे अपने मुंह को मेरे करीब ले आई और कहा क्यों कुछ करने का मन कर रहा है
दीदी की बात सुनकर अपने पर कंट्रोल खो बैठा और मैंने कसकर दीदी के चेहरे को पकड़ा और दीदी के होठो को चूसने लगा और दीदी भी मेरे होठो को चूसने लगी और हम दोनों एक दुसरे को भयंकर तरीके से चूस रहे थे
फिर कभी दीदी मेरे उपर कभी मै दीदी के उपर और बस मस्त होकर चूस रहे थे और आज हमे कोई नही रोक सकता था
फिर मै दीदी के उपर आ गया और दीदी के मुम्मे दबाने लगा वही दीदी भी मेरे लंड को सहलाने लगी और मै दीदी के बूब्स को जोर जोर से रगड रहा था
वही दीदी अपने मुंह से सिस्करिया निकालने लगी अहह आह्ह आह ऊऊ मेरा तो बुरा हाल हो रहा था
फिर दीदी धीरे धीरे अपने हाथ को मेरे लोअर में डाल लिया और मेरे नंगे लंड को हिलाने लगी और मैंने भी दीदी की टॉप मै हाथ डालकर दीदी के नंगे मुम्मे दबाने लगा
फिर दीदी ने मेरा लोअर निचे सिरका दिया और लंड को जोर जोर से हिलाने लगी फिर दीदी धीरे धीरे लंड को जीभ लगाने लगी और जीभ से लंड को इसक्रीम की तरहा चाटने लगी
मैंने दीदी के बालो को पकड़ा और पूरा लंड मुंह में दे दिया फिर दीदी जोर जोर से लंड को चूसने लगी और मुझे बहुत मजा आ रहा था मै भी दीदी की गांड पर चांटे लगाने लगा और दीदी की शॉट को उतार दिया दीदी ने निचे पेंटी नही पहनी हुई थी
वही दीदी गपागप लंड को चूस रही थी और अपने मुंह से सफ़ेद रंग की जाग निकाल रही थी और मै भी दीदी की गांड को मसल रहा था
दीदी जोर जोर से लंड को चुसे जा रहे थे मुझे भी अजीब सा लग रहा था और मेरा मजा निकलने वाला था
फिर थोड़ी देर बाद मेरा पानी दीदी के मुंह में ही निकल गया और दीदी का मुंह भर गया मेरे मजे से और दीदी भी मजे को मजे से पी गयी
अब मेरे डिल्ला हो गया था और मै बेड पर लेट गया और कहा दीदी आपने तो मेरा पानी ही निकाल दिया चूस चूस कर पर अभी हम दोनों की आग शांत नही हुई थी
फिर मैंने दीदी के टॉप को उतारा और दीदी के नंगे बूब्स को दबाने लगा वही दीदी मेरे उपर बैठ गयी और मेरा फिर से लंड कडक हो गया
वही दीदी ने लंड को हाथ में पकड़ा और अपने चूत में रगड़ने लगी वही मै भी दीदी के बूब्स को दबा रहा था दीदी की मजे से आँखे धीरे धीरे बंद हो रही थी
फिर दीदी अह्ह्ह आह्ह करते लंड पर बैठने लगी और धीरे धीरे लंड को चूत के अंदर लेनें लगी जैसे ही आदा लंड गया और दीदी अह्ह्ह आह्ह उईइ ईई और दीदी अपने दर्द को दबाने लगी और आने दांतों को बीच कर अपनी आँखे बंद कर ली
ऐसे करते करते दीदी ने पूरा लंड चूत के अंदर ले लिया और दीदी उईइ फट गयी बहुत मोटा और लंम्बा है मर गयी मम्मी
फिर दीदी धीरे धीरे लंड को अंदर बाहर करने लगी और मैंने भी दीदी की कमर को पकड़ा और अपने अपने उपर जोर जोर से कुद्वान लगा मुझे बहुत मजा आ रहा था और पट पट की आवाज आ रही थी
फिर थोड़ी ही देर बाद मेरा मजा निकल गया और मै भी थक कर लेट गया
ऐसे मैंने दीदी की गर्म चूत की चुदाई की और अब हम दोनों को कबी भी मौका मिलता और हम मौके को जाने नही देते और मन भरकर सेक्स करते