अपनी बहन की शादी के बाद मैं अपनी बहन के घर गई हुई थी और एक दिन मैंने दीदी और जीजू को चुदाई करते हुए देख लिया और एक दिन जीजू ने मुझे भांग के नशे मे जीजू ने मेरी सील खोल दी। चलिए अब विस्तार से जानते है की मेरी सील कैसे खुली।
मेरा नाम आरती है, मेरी उम्र अभी के टाइम मे 19 साल की है और ये कहानी आज से 1 साल के पहले की है और टाइम मेरी दीदी की उम्र 24 साल की थी और जीजू की उम्र 27 साल की थी।
मैं अपनी दीदी के घर गई हुई थी और शाम तक सब कुछ सही चल रहा था और फिर शाम हुई और हम तीनों ने खाना खाया और फिर हम सोने के लिए चले हुए।
जब सोने का टाइम आया तो मुझे नए घर की वजह से मुझे डर लगने लगा और मैंने सोचा की क्यू न दीदी के रूम मे चली जाऊन और उनके रूम मे सो जाऊ।
मैं उठी और दीदी के रूम की तरफ चल दी और जैसे ही मैं उनके रूम के पास गई तो मैंने कुछ आवाजें सुनी और मैं समझ गई की चुदाई चल रही है दीदी की।
फिर मैंने सोच लिया अब तो दीदी के रूम मे जाना सही नहीं है पर फिर मैंने सोचा की चल नींद नहीं आ रही है।
इनकी चुदाई ही देख लूँ लाइव और फिर मैं दीदी के रूम की एक खिड़की के पास गई उन्होंने खिड़की बंद नहीं की थी क्यूंकी घर मे कोई नहीं था और मजे से चुदाई चल रही थी।
मैंने खिड़की से देखा की जीजू और दीदी एक दम नंगे पड़े थे और जीजू ने दीदी को नीचे लिटा रखा था और खुद ऊपर से दीदी की दमदार चुदाई कर रहे थे।
ये सब देख कर मेरी चुत मे भी खुजली होने लग गई और फिर मैं खिड़की के पास खड़ी खड़ी अपनी चुत मे उंगली करने लग गई।
कुछदेर बाद मैंने सोचा की यहाँ रुक कर करना सही नहीं है तो मैं अपने रूम मे चली गई और अपने बेग से डिल्डो निकाल कर अपनी चुत मे करने लग गई।
कुछ ही देर मे मेरी चुत ने पानी चोद दिया और फिर क्या मुझे पता ही नहीं चला की कब नींद आ गई।
मैं सुबह उठी और सब कुछ सही थाऔर दिन मे कुछ नहीं हुआ और फिर रात हुए और मुझे पता था की आज भी मुझे डर लगेगा तो मैं पहले ही दीदी के रूम मे चली गई और दीदी और जीजू से बोल की मुझे अकेले मे डर लगता है और फिर क्या ?
जीजू बोले कोई बात नहीं साली साहिब आप यही पर सो जाओ।
दीदी ने भी कुछ नहीं बोला और फिर मैं दीदी बातें करने लग गए ककुह ही देर मे जीजू सो गए।
हम दोनों काफी देर तक बातें करते रहे और फिर मुझे भी नींद आने लग गई और मैंने सोचा की आज इनकी चुदाई की प्रोग्राम खराब का दिया मैंने पर ऐसा नहीं हुआ रात करीब 2 बजे जीजू उठे और मेरे बूब्स पर हाथ रख दिया।
मैं समझ गई की जीजू भूल गए की मैं भी सो रही उनके हिसाब से दीदी ही सो रही है।
कुछ देर तक मेरे बूब्स को मसलने के बाद मेरी चुत मे भी आग लगने लागि और फिर जीजू का भी लंड मेरी चुत मेरी गांड मे चुबने लग गया क्यूंकी मैं दीदी की तरफ मुहँ करके सो रही थी।
मैं दोनो के बीच मे थी और फिर एक दम जीजू उठे और उठ कर दीदी के पास चले गए।
मैंने तो सोचा की आज तो मैं चुद ही जाऊँगी पर ऐसा नहीं हुआ जीजू दीदी के पास जाकर उनके बूब्स मसलने लग गए और कुछ ही देर मे जीजू ने दीदी के सारे कपडे निकाल कर एक दम नंगी कर दिया।
दीदी के बड़े बड़े बूब्स मेरे सामने थे आज मैं दीदी की लाइव चुदाई देखने वाली थी।
वैसे तो मैंने बहुत बार दीदी की चुदाई देखि है पर जीजू के साथ नहीं मैंने दीदी की चुदाई पहले हमारे घर के नौओकर के साथ देखि थी।
हुआ यूं की एक दीदी स्कूल से जल्दी आ गए और घर आ गए और फिर मैंने भी दीदी को बिना बताए छुट्टी लेली और दीदी के पीछे घर आ गई और घर आकर देखा तो दीदी नहीं थे और घर पर वैसे भी दिन मे कोई नहीं राहत था क्यूँ की मेरे पापा और मम्मी सरकारी नौकरी मे थे घर मे केवल दो नौकर थे और वो भी एक दम जवान थे साले मस्त थे दिखने।
आज तो वो भी नहीं दिख रहे थे तो मैंने ध्यान से देखा तो मुझे ऊपर से कुछ आवाजें आती हुई सुनाई दी।
फिर मैंने ऊपर जाकर वो देखा की जो मैंने काभी सोचा नहीं था। हमारे घर के दोनों नौकर सोनू और मोनू ने दीदी को गोड़ी बना रखा था और एक ने दीदी के चुत मे और एक दीदी के मुहँ मे लाँड़ पेल रखा था और दीदी भी बड़े मजे से अपनी चुत मरवा रही थी।
आज की तरह उस दिन भी छिप कर सब कुछ देखती रही है और 15 मिनट बाद दोनों ने अपना अपना मजा मेरी दीदी के मुह मे निकाल कर नीचे चले गए और मैं थोड़ा छिप गई और दीदी अभी भी बिना कपड़ों के थी।
उन दोनों के जाने के बाद मैं रूम मे गई और दीदी को बोल की दीदी ये क्या कर रहे हो दीदी ने मुझे देखा तो वो अपने शरीर को छिपाने लग गई और मेरे सामने गिड़गिड़ाने लग गए की किसी को बताना मत यार तुझे जो चाहिए वो लेना यार प्लीज।
उस दिन के बाद दीदी बहुत बार अपनी चुदाई करवाने लग गई।
फिर काफी दिन ऐसे ही चला और महीने बाद पापा को इसका पता चल गया और फिर पापा ने दीदी की शादी करवा दी क्यूंकी उन्हे लगा की ये लड़की के दिन बदनामी करवा देगी इस लिए पापा ने जल्दी दीदी की शादी करदी।
आज की हिन्दी सेक्स कहानी मे वापिस आते है और उसमे जीजू दीदी की चुत को चाटने मे लग गए।
दीदी के मुह से सिसकारियाँ निकालने लग गए और काफी देर तक दीदी की चुत को चटके के बाद अन्तर्वासना कहानी ने दीदी ने बोल की आवाजें मेरी आहें नहीं रुक रही है यार मत करो नहीं तो आरती उठ जाएगी।
जीजू ने भी ऐसा ही किया दीदी आज तो बड़ी सीधी बन रही थी।
उनको पता ये रंडी मेरे सामने कितने ही लाँड़ ले चुकी है अपने मुहँ और अपनी चुत मे और फिर जीजू खड़े हुए और अपने काले लंड को निकाल कर दीदी के मुहँ के पास कर दिया और फिर क्या दीदी ने बिना देर करते जीजू के लंड को अपने मुहँ मे ले लिया और पूरे कमरे मे घू घू की आवाजें आने लग गई।
अब काफी देर तक दीदी ने जीजू के लंड से अपने गले की सर्विस की और हाँ दोस्तो मैंने जैसे ही जीजू का लंड देखा तो मेरा बुरा हाल हो गया था क्यूंकी जीजू का लंड 6.5 इंच का था और मेरा तो मन कर रहा था की अभी जाकर जीजू के लंड को पकड़ कर अपनी चुत मे लेलू या अपनी चुत खोल कर जीजू के सामने कर दूँ जिससे मेरी सील पैक चुत देख कर जीजू दीदी की चुत मे नही मेरी चुत मे लंड डाल दे पर मैं ऐसा नही कर सकता थी।
अब काफी देर तक दीदी ने लंड को चूसने के बाद जीजू ने लंड को निकाल कर दीदी की चुत पर रगड़ना शुरू कर दिया और अब दीदी ने बोल की ऐसे मत करो मेरे आहों से आरती उठ जाएगी यार पहले भी बोला था जान आपको।
जीजू ने बिना रुके दीदी की चुत मे अपने लंड को उतार दिया और जैसे ही की चुत मे जीजू का लंड गया तो जीजू और दीदी के मुहँ एक दम एक साथ आह निकल गई और फिर जीजू ने मशीनरी पोज मे दीदी की फूल सपेड्ड मे चुदाई करना शुरू कर दिया और इस तरह पूरे कमरे मे दीदी की चुदाई की चुत से फ़च फ़च की आवाजें आने लग गई।
करीब 15 मिनट की चुदाई के बाद जीजू ने अपना लंड दीदी की चुत से बाहर निकाल कर दीदी के साइड मे आ गए और दोस्तो मैं जीजू के लंड के एक दम सामने थी तो मुझे जीजू का लंड एक दम साफ दिखाई दे रहा था और मन तो कर रहा था अभी पकड़ लू पर मैं ऐसा नहीं कर सकती थी।
अब जीजू ने कुछ देरअपने लंड से एक तेज पिचकारी मजे की चोद दी और पहले पिचकारी तो दीदी के मुहँ पर गई लेकिन जीजू मूड मे थे तो इसबार पिचकारी मेरे मुहँ पर मेरे होंठों पर गिर गई और मैं नींद मे अपने मुहँ को थोड़ा खुला रख कर सोती हूँ तो जीजू का मजा मेरे मुहँ मे या गया एक दम से और जीजू के मजे का स्वाद एक अजीब सा था और मुझे चुत मे लंड तो नहीं मिल लेकिन जीजू के लंड का रस पीने के लिए मिल गया।
जैसे ही मेरे मुहँ पर मजा गिर तो दीदी ने जल्दी से खड़े होकर अपने कपडे से मेरे मुहँ से मजे को साफ कर दिया और मैं भी भी सोने का नाटक कर रही थी और फिर क्या जीजू को शेयड सक हो गया था की किसी का मजा मुहँ मे चला जाए और नींद ना खुले ऐसा नहीं हो सकता और वैसे भी मैंने पहले साली के बूब्स दबा दिए थे तो भी नहीं उठी ऐसा नही हो सकता।
दीदी और जीजु सो गए और मेर मुहँ मे अभी मजा था तो मैं उसे पी गई सच मे अबमुझे उनका मजा पीने मे मजा सा आ रहा था और मैं भी सो गई।
सुबह हुई और मैंने नॉर्मल बिहैव किया ताकि किसी को कुछ सक न हो और फिर दो दिन बाद होली थी तो जीजू ने खुद के लिए और मेरे और दीदी के लिए भांग ले आए और फिर दीदी ने तो बिना ना नुक किए भांग को पी लिया पर मैंने काभी पिया नहीं था तो मैंने मन आकर दिया।
दीदी के धक्का करने और जुजु ने भी अपनेहाथ से मेरे मुहँ मे भांग को उड़ेल दिया और अब एक गिलास फिर दसूर और अब करते कैट तीसरा भी जीजू ने पीला दिया और अब मुझे नशा होने लग गया औढर दीदी को तो नशे मे नींद ही आ गई और वो सोफ़े पर ही सो गए और जीजू ने उन्हे उठाया और अपने रूम मे ले गए और फिर फिर के बार दिन मे ही मेरे सामने ही उनकी चुदाई कर दी और फिर मेरी तरफ आ गए और फिर मुझे भी चक्कर आ रहेथे तो मैंने जीजू से बोला की मुझे चक्कर आ रहे है और फिर क्या जीजू ने मुझे उठाया और मेरे रूम मे ले गए और फिर…….
तो ये थी मेरी दीदी की चुदाई की कहानी और जिसमे मुझे लंड तो नहीं मिल लेकिन मजा पीने का मौका तो मिल गया अगली कहनी मे बताऊँगी की कैसे जीजू ने नशे का फायदा उठा कर मेरी चुत की सील खोल दी सील खोल क्या दी मेरी गांड भी फाड़ दी।