मम्मी की चूत और गांड को चोदा

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जैसे ही मैने मम्मी को मामा से चुदते देखा तो मां मुझे चूत की मशीन दिखने लगी और मेरा भी मन मां को चोदने का करने लगा फिर हम घर आ गए और मां मेरे साथ सो रही थी मां की गांड देखकर मेरा लैंड बेकाबू हो रहा था ओर में धीरे धीरे मां के साथ चिपकने लगा

मेरा नाम दिनेश है ओर मेरे लंड की हाइट 6 इंच है

आज मैं आपको इस कहानी को विस्तार से बताता हूं की मां को नंगी देखकर मेरी नजर बदल गई मां को देखने की ओर वो मुझे मस्त माल दिखने लगी

जैसे की आपने मेरी पहली कहानी में पढ़ा था की रात को मामा मेरी मां को घोड़ी बनाकर घोड़े की तरह जोर जोर से चोदा था

जब मा को नंगी देखा तो मेरा भी मन मां को चोदने का करने लगा

अब हम मामा के घर से अपने घर में आ गए थे और अब में मां को चोदने के सपने देखने लगा जैसे ही मां सुबह नहा कर आई तो मां मुझे मस्त माल दिखने लगी

मां के बड़े बड़े बूब्स लटकते देखकर मेरा लैंड खड़ा हो गया और मां की मोटी मटकाती गांड देखकर मन करने लगा कि थी पकड़ कर मां को  चोद दूं

अब मुझे माँ चूत की मशीन दिखने लगी

फिर कई दिन ऐसे करते करते बीत गए और मैं मां की ब्रा और पेंटी को सुंग कर मूठ मार मार कर पगला सा गया था ओर मौके की तलाश में था

फिर एक दिन पापा को काम के लिए दिल्ली जाना था दो दिन के लिए और घर मां और मैं दोनों अकेले ही थे

मैं दिन में मां से बहाने से चिपकने लगा पर मां ने मेरी हरकतों को अनदेखा किया

जैसे तैसे रात हो गई और मैं मम्मी के कमरे में गया और कहा मम्मी आज मैं थी सो जाओ क्या मां ने कहा हा सो जाओ

अब मै मम्मी के साथ सो गया पर मुझे नींद कहा आने वाली थी और बार बार आँखों के सामने माँ की चुदाई आ रही थी और वही माँ भी मेरी तरफ गांड करके सो रही थी

मै माँ की चुदाई को याद करके अपने लंड को हिलाने लगा और मेरा भी मन खराब होने लगा और धीरे धीरे अपना कंट्रोल खोने लगा

अब मेरे से रहा नही जा रहा था और मेरा मन माँ को चोदने का करने लगा पर डर भी लग रहा था पर मैंने हिम्मत की और धीरे धीरे माँ के करीब आने लगा

फिर मै माँ के साथ चिपक गया और माँ की सलवार के उपर अपने लंड को रगड़ने लगा और वही लंड भी पूरा कडक था वही माँ अभी भी सो रही थी

माँ ने कोई हलचल नही की और मेरी हिमात भी धीरे धीरे बढने लगी फिर मैंने अपने हाथ को माँ के पेट पर रख दिया और थोड़ी देर तक हाथ वही रखा फिर मै धीरे धीरे पेट को सहलाने लगा और अब भी पूरा वासना में दब गया अभी तक भी कोई हलचल नही हुई थी

फिर धीरे धीरे अपने हाथ को माँ के बूब्स की तरफ ले गया और बूब्स के उपर अपने हाथ को रख दिए और कई देर बूब्स पर हाथ को रखा और धीरे धीरे माँके बूब्स पर हाथ को फेरने लगा

अभी भी माँ की कोई हलचल नही थी मेरी भी हिम्मत और बढने लगी फिर मैंने माँ की कमीज में हाथ डाल लिया और धीरे धीरे माँ के बूब्स को मसलने लगा

वही मैंने भी अपने लंड को बाहर निकाला और माँ की सलवार की रस्सी खोल दी जिअसे ही सलवार खोली तो माँ ने अपने आँखे भी खोल ली और खड़ी हो गयी

माँ अब मेरी तरफ गुस्से से देखने लगी और कहा की आ जाने दे तेरे पापा को सब बताती हूँ मै एक बार तो डर गया पर मैंने कहा मै भी बताऊंगा की आप मामा से कैसे चुदी मैंने उस दिन आपन दोनों की चुदाई देखी

मेरी बात सुनकर माँ सुन हो गयी

मैंने फिर माँ को अपनी बांहों में ले लिया और माँ की गर्दन को चूसने लगा वही माँ चुपचाप जो हो रहा था उसे होने दे रही थी

फिर मैंने माँ की कमीज उतारी और माँ के मुम्मे दबाने लगा और माँ भी अब वासना में डूब कर गर्म हो रही थी अब माँ भी मेरी पीठ को मसलने लगी

फिर मैंने माँ के मुम्मा अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगा वही माँ भी मेरे लंड को हिलाने लगी फिर मैंने माँ को बेड पर लिटा दिया

माँ भी बिलकुल तयार थी चुदने के लिए

फिर मैंने माँ की सलवार को निचे किया और माँ ने पेंटी नही पहनी हुई थी में माँ की चूत को हाथ से मसलने लगा वही माँ भी सिरहा उठी थी फिर में माँ को जीभ से चोदने लगा और माँ की चूत चाटने लगा वही माँ बेटे और जोर जोर से आज पहली बार किसी ने मेरी चूत छाती है बहुत मजा आ रहा है

माँ की चूत से धीरे धीरे पानी टपकने लगा माँ बस झड़ने ही वाली थी

फिर मैंने लंड को पकड़ा ओए माँ की चूत पर सेट कर दिया और फिर एक जोर से झटका मारा और वही माँ की आह्ह आह निकल गयी और मेरा भी पूरा लंड अंदर चला गया

फिर मैंने माँ के मुम्मे पकड़े और माँ ने भी पाने दोनों हाथो से मेरी गांड कसकर पकड़ लिया और जोर जोर से चूत चोदने लगा फिर मैंने अपने लंड को बाहर निकाला और गांड पर रगड़ने लगा और कहा माँ में गांड में दाल लू माँ ने कहा बस ज्यादा मत डालना थोडा सा ही

फिर मैंने गांड पर लंड सेट किया और धक्का मारा और मेरा आदा लंड अंदर गया वही माँ भी चिला उठी अहह आह्ह उईई ईईइ दर्द हो रहा बाहर निकाल ले जल्दी पर मैंने माँ को कसकर पकड़ा और एक और झटका मारा और पूरा लंड अंदर दे दिया माँ मर गयी मम्मी

मैंने माँ की एक नही सुनी और जोर जोर से गांड मारने लगा वही माँ आह्ह अहह उईइ फिर ऐसे करते करते मैंने माँ की गांड में ही मजा छोड़ दिया

फिर मैंने अपने कपड़े पहने और सो गया

अब सुबहे हो गयी और हम दोनों ने जो रात को किया था मुझे सरम आने लगी और मै माँ से आँख नही मिला पा रहा था पर माँ को बहुत रात को मजा आय और माँ मेरे कमरे में आई और मेरे लंड को सहलाने लगी

माँ की दूसरी बार चुदाई की कहानी को पढने के लिए जुड़े रहे देसी वासना कहानी पर

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