मुझे अभी अभी जवानी चढ़ी थी और मैं चुदाई के लिए मरे जा रही थी और फिर एक दिन मेरे साथ कुछ ऐसा हुआ की मेरी चुदाई हो गई और साथ मे एक हजार रुपए कमाई भी हो गई तो चलिए अब आपको बताती हूँ की मेरे साथ क्या हुआ?
मेरी चुदाई की कहानी मे मेरा नाम अंकिता है और मैं अभी 12 वीं क्लास में पढ़ाई कर रही हूँ दोस्तों मैं अपने बारे में बात करू तो इसमे आपको सबसे पहले मैं आपको बता हूँ की मेरी माँ भी एक चुड़कड़ है और उसके फिगर के हिसाब से मेरा भी फिगर एक उन्ही की तरह हो गया है और मेरी भी उभरी हुई गांड और 32 के बूब्स जीसे देख देखने वाले को ये लगता है की पता नहीं कितनी बार अपनी मरवा चुकी हूँ।
दोस्तों अपनी माँ को बहुत बार चुदते हुए देखा है कभी दूध वाले से और कभी सब्जी वाले और कभी कभी तो पड़ोस वाले अंकल से और उन्हे देख देख मेरा भी चुदाई का मन करने लग गया और फिर क्या मेरे पास लेने को लंड नहीं था पर घर पर सब्जियां तो बहुत थी और मैं कभी कभी खीरा तोरी ले लेती थी।
आज की antarvasna कहानी मे अब मेरा उनसे मन भर चुका था तो अब मुझे एक रियल लंड की जरूरत थी और अब मैं देखने लागि की कैसे न कैसे मुझे एक रियल लंड मिल जाए कहते है न की जिस चीज को अपने सिद्दत से चाहते है उसको भगवान दे ही देता है और मैंने एक लंड को चाहा तो मुझे भी लंड दे दिया।
चलिए सब बातों को छोड़ कर अब आते है की मेरी पहली चुदाई कैसे हुई और मेरी सील कैसे खुली।
एक दिन की बात है मेरा जन्मदिन था तो मेरी सहेलियों के कहने पर मैंने अपने पास जीतने भी पैसे थे सब के सब उन्हे पार्टी देने मे खर्च कर दिया और हुआ यूं की मेरी एक सहेली न बोला की तू ऐसे कर पार्टी कर दे मैं तुझे किराये के पैसे दे दूँगी पर साली जब पैसे देने का टाइम आया तो साली रंडी बोली की मैं अपना पर्स घर भूल आगई और अब मेरे पास कोई ऑप्शन नहीं था की मैं क्या करू क्या न करून।
यही से शुरू होती मेरी चुदाई की कहानी जिसमे मैं किराया न होने की वजह से सभी रिक्शे वालों से मिनते निकाल रही थी की मैं घर जाकर आपको पैसे दे दूँगी पर किसी ने भी हाँ नहीं भरी और मैं काफीदेर तक वाईट करती रही और रात होने को क्यूंकी मेरे स्कूल के बाद मैं टयूसन भी जाती तो आज तो कुछ ज्यादा ही लेट हो गई पर इससे मेरे घर पर कोई दिक्कत नहही थी क्यूंकी अक्सर लेट हो जाती थी शाम के 8 भी बज जाते थे मुझे काफी बार एक्स्ट्रा क्लास से भी मैं लेट हो जाती थी।
अंधेरा हुआ मुझे डरसा लगने लगा और फिर रिक्शे वाला आया और उसने कहा की कहा जाना है बेटा ?
मैंने कहा की जाना तो घरही सुंदर कालोनी मे जाना है पर मेरे पास पैसे नहीं है मैं घर जाकर दे दूँगी।
अंकल ने बोला बेटा रात होने वाली है तुम अकेले मे खड़े हो कोई ना दे देना पैसे बेटा बैठ जाओ।
मुझे लगा की ये अंकल तो बहुत अच्छे है ओर फिर मैं अंकल के साथ बैठ गई और फिर क्या हम घर चले दिए।
रास्ते मे जाते जाते टाइम एक सुनसान जगह पर हमारे ऑटो का टायर खराब हो गया यानि पेंचर हो गया और अंकल ने साइड मे करके ऑटो रोक कर टायर को चेंज करने मे लग गया।
अंकल ने टायर बंद करते हुए मेरी तरफ देखा तो मैं स्कूल की ड्रेस पहन रखी तो उसमे मैंने टी शर्ट और स्कर्ट पहन रखी थी तो जब वो नीचे बैठ तो मेरी स्कर्ट मेसे मेरी पेन्टी दिख गई जीसे देख कर वो उत्साहित सा हो गया और उसे देखते हुए मुझे भी मेरी चुत मे खुजली सी होने लग गई।
अब वो खड़ा हुआ और मेरे से थोड़ा बहुत बात करते हुए बोला की तुम बहुत सुंदर हो।
मैंने अंकल को कहा की सच मे अंकल।
अंकल बोले की इसमे सच वाली बात क्या है।
आज की antarvasna कहानी मे अंकल ने अपनी बात खत्म करते ही एक और बात बोली की मुझे एक बात बताओ की मैंने सुना है की गोरी लड़कियों के वहाँ पर भूरे बाल है तो ये बात सच है क्या?
जब अंकल ने मेरे से ऐसा सवाल पूछा तो मैं समझ गई की अंकल मुझे पेलना चाहते है और शायद मुझे मेरी चुत को एक अधेड़ उम्र का लंड मिलने वाला है यानि ट्रेंड लंड जिसने पता नहीं कितनी ही चुत की माँर माँर कर बुरा हाल कर दिया होगा।
अब अंकल ने बात को आगे बढ़ाते हुए बोला की क्या तुम दिखा सकतीं हो क्या मुझे देखनी है मैं तुम्हें पैसे दे दूंगा।
मैंने एक बार तो मना का दिया क्यूंकी पहली बार मे हाँ का देती तो शायद अंकल ने पैसे काम देने थे।
अब अंकल बोले दिखाने के 500 रुपये दूंगा।
मैंने हाँ कर दिया और अब अंकल ने भी मुझे 500 रुपये दिए और अब मैंने भी अपनी स्कर्ट ऊपर किया और अंकल को अपनी चुत दिखा दी।
अब अंकल ने कहा की मुझे अब तुम्हारे बूब्स देखने है और उसके लिए और 500 दूंगा।
मैंने सोच लिया की आज तो अच्छी कमाई करके ही घर जाऊँगी और फिर क्या अंकल से फिर से 500 दिए और मैंने अंकल को अपने बूब्स भी दिखा दिए।
मैंने अंकल को कहा की अंकल जी मैंने तू आपको दिखा दिया है पर अभी तक अपने मुझे अपना नहीं दिखाया है रात का टाइम था और सुनसान रास्ता था और हम उसी मे ही लग गए कोई आने वाला तो था नहीं तो डर किस बात का।
आज की antarvasna कहानी मे मे मैंने जैसे ही अंकल का लंड देखा तो मैं एक दम से डर गई क्यूंकी अंकल का लंड की मोटा था और अब मैंने भी देर ना करते हुए उनके लंड को हाथ मे पकड़ लिया और फिर क्या अंकल बोले की अब हाथ मे ले लिया है अब इसे मुहँ मे भी लेलो बेटा।
मैंने कुछ नहीं बोल और अंकल ने 500 का नोट निकाल कर अपने लंड पर रख दिया और बोले ले मेरी जान चूस इसे और लेले ये 500 तेरे हो जेंगे और अब मैंने भी देर ना करते हुए उनके लंड को पकड़ कर अपने मुहँ मे ले लिया और मुझे पहले तो अजीब सा लगा क्यूंकी पहले कभी भी किसी मर्द का लंड को मुहँ मे नहीं लिया था और अब कुछ देर बाद मुजही मजा सा आने लग गया और मैं काफी देर तक अंकल के लंड को चुस्ती रही।
अब अंकल बोले की तूने तो चूस लिया है मुझे भी चूसने देतेरी चुत को मैंने आज तक किसी भी लड़की की चुत को नहीं चूस है जितनी भी चुसी है सभी की सभी चुत एक दम खुली हुई ही तो पर आज बहुत टाइम बाद किसी सील पैक चुत के दर्शन हुए है, मैंने भी कुछ नहीं बोल और अपनी स्कर्ट को ऊपर किया और पेन्टी को निकाल कर अपने बेग मे डाल दिया और अब अंकल मेरी चुत मे अपनी गर्म गर्म जीभ को चलाने लग गए।
जैसे ही अंकल मेरी चुत मे अपनी जीभ को रगड़ना शुरू किया तो मेरा बुरा हाल हो घगया।
अब मैंने अंकल को बोल ही दिया की अंकल जीभ से कुछ नहीं होगा अपने लंड को पेल दो मेरी कुंवारी चुत मे।
आज की antarvasna कहानी मे मेरा बुरा हाल हो रहा था तो अब अंकल ने मेरी चुत पर अपना लंड मेरी चुत पर रख दिया और रखते ही अंकल ने एक ही झटके मे अपना आधा लंड मेरी चुत मे पेल दिया।
जैसे ही अंकल ने अपने लंड को डाला तो मेरा बुरा हाल हो गया और पर अंकल नहीं रुके और मेरी चुत के अपने लंड को पेलते रहे और जैसे जैसे उनका लंड मेरी चुत मे जा रहा था मुझे वैसे वैसे दर्द भी हो रहा था पर कुछ ही देर मे मजा भी आने लगा और फिर मेरे मुहँ से अपने आप आवाजें निकालने लग गई आह अंकल और जोर से चोद दो मेरी चुत को और जोर से अंकल अहह अहह…..
आज इस तरह मेरी सील खुलेगी मैंने सोचा भी नहीं था कभी भी और हाँ ये कभी नहीं सोचा था कीसी अधेड़ उम्र के अंकल का लंड मेरी सील खोलेगा।
मेरे मुहँ से ऐसी ऐसी आवाजें सुन कर अंकल का मूड बना गया और अंकल ने अपनी चुदाई की स्पीड को और तेज कर दिया और अब अंकल ने मेट्रो ट्रेन की तरह रफ्तार पकड़ ली और अब मेरी चुत मे लंड ऐसे जा रहा था जैसे मेरे पड़ोस के अंकल मेरी माँ की चुत मे डालते है।
15 मिनट की चुदाई के बाद अंकल ने मेरी चुत मे ही अपना माल निकाल दिया और अब अंकल उठे और मुझे बोले चल जान अब तुझे घर छोड़ देता हूँ।
मैं अंकल के साथ बैठ गई और अपने घर के लिए निकाल गई और घर पहुँच कर मम्मी बोली की क्या हुआ आज थोड़ा ज्यादा लेट कैसे हो गई।
मैंने कहा की आज रास्ते मे अंकल के ऑटो का टायर पंचर हो गया था और इस लिए हम लेट हो गए।
आज की antarvasna कहानी मे मैं अपने रूम मे चली गई और फिर गेट बंद करके अपने कपडे चेंज करने मे लगगई और अपनी चुत की तरफ देखा तो मेरी चुत पर खून लगा हुआ था।
अब मुझे थोड़ा थोड़ा दर्द तो रहाथा पर मजा भी बहुत आ रहा था की आज मैंने सील खुलवा ही ली और अब जैसे मेरी माँ अपनी चुत मरवाती है मै भी अपनी चुत मरवा लिया करूगी चाहे पदोष वाले अंकल से मरवा लिया करूंगी।
तो मेरी आज की antarvasna कहानी मे को मैं यही विराम देती हूँ अगली कहनी मे बताऊँगी की मैंने कैसे एक दिन मे ही अपने पड़ोसी और वही सैम ऑटो वाले चुत और गांड मरवाई।